
भोपाल। राजधानी भोपाल में नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। करीब 13 हजार कर्मचारियों के काम बंद करने से घरों से कचरा उठाने से लेकर सार्वजनिक स्थानों की सफाई तक का काम प्रभावित हो रहा है। शहर में 400 से ज्यादा कचरा वाहन खड़े हैं, जिसके चलते कई रिहायशी कॉलोनियों, मुख्य सड़कों और बाजारों में कचरे के ढेर जमा होने लगे हैं। हालात ऐसे हैं कि अब सफाई का मुद्दा केवल नगर निगम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
हड़ताल की चपेट में अब शहर के प्रमुख अस्पताल और शिक्षण संस्थान भी आ गए हैं। हमीदिया और जेपी अस्पताल जैसे बड़े स्वास्थ्य केंद्रों के परिसरों में कचरा जमा होने से मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन के अनुसार बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था अलग से संचालित हो रही है। ऐसे में सामान्य कचरे का उठाव प्रभावित होने से परिसर की स्वच्छता बनाए रखना चुनौती बन गया है।
सफाई व्यवस्था के साथ ही पानी की आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है। कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने पर शहर की अन्य जरूरी नागरिक सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है। दूसरी ओर, कर्मचारियों की मांगों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पाने से समाधान का रास्ता निकलता नजर नहीं आ रहा है।
राजधानी में स्वच्छता को लेकर किए जाने वाले दावों के बीच मौजूदा हालात नगर निगम की व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बन गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन नागरिकों को हो रही है, जिनका रोजमर्रा का जीवन सफाई और कचरा संग्रहण जैसी बुनियादी सेवाओं पर निर्भर है। अब निगाहें प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं।
5 नवंबर 2026