
इंदौर। इंदौर में मेट्रो का सफर अब जमीन के नीचे भी आकार लेने लगा है। एयरपोर्ट क्षेत्र में जमीन से करीब 20 मीटर गहराई पर अंडरग्राउंड टनल बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इस निर्माण की खास बात यह है कि आधुनिक तकनीक के सहारे जमीन के भीतर सुरंग तैयार की जा रही है और ऊपर शहर की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित नहीं हो रही हैं। प्रोजेक्ट में काम की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निर्माण टीम ने एक दिन में 11 टनल रिंग लगाने का काम पूरा किया है।
नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान वे करीब एक घंटे तक सुरंग के भीतर रहे और निर्माण की प्रक्रिया को करीब से समझा। उन्होंने इंजीनियरों से इस्तेमाल की जा रही तकनीक, मशीनों और अब तक हुए काम की जानकारी ली। साथ ही निर्माण में जुटे अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रोजेक्ट की प्रगति पर चर्चा की।
अंडरग्राउंड टनल को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए प्रीकास्ट कंक्रीट रिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन्हें मशीनों की मदद से एक के बाद एक जोड़कर सुरंग का आकार दिया जा रहा है। निर्माण टीम अब तक करीब 90 मीटर लंबी टनल तैयार कर चुकी है। एक दिन में 11 रिंग लगाने की उपलब्धि को इस प्रोजेक्ट की अहम प्रगति माना जा रहा है। इस तकनीक से निर्माण कार्य व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रहा है और सतह पर यातायात व अन्य गतिविधियों पर भी कम असर पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने निर्माण टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इंदौर के विकास से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अंडरग्राउंड टनल का निर्माण पूरा होने में अभी करीब दो साल का समय लग सकता है। इसके लिए आधुनिक मशीनों और तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
इंदौर मेट्रो का अंडरग्राउंड हिस्सा शहर के परिवहन नेटवर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसके तैयार होने के बाद यात्रियों को व्यस्त इलाकों में आवागमन का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। खासकर उन क्षेत्रों में, जहां जमीन के ऊपर निर्माण करना चुनौतीपूर्ण है, वहां भूमिगत मेट्रो व्यवस्था उपयोगी साबित होगी। फिलहाल जमीन के नीचे सुरंग बनाने का काम जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उससे इंदौर के मेट्रो नेटवर्क के अगले चरण की तस्वीर साफ होने लगी है।
5 नवंबर 2026