
उज्जैन। सरकारी दफ्तरों में आम लोगों के काम कराने के बदले रिश्वत मांगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला उज्जैन कलेक्ट्रेट का है, जहां लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए एडीएम कार्यालय के एक कर्मचारी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ लिया। आरोपी की पहचान सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी रोहित गोठवाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसने उज्ज्वला योजना के तहत फर्जी गैस कनेक्शन जारी होने से जुड़ी शिकायत पर कार्रवाई करने के बदले रुपए मांगे थे।
मामले की शुरुआत नागदा के बिरलाग्राम निवासी बृजेश विश्वकर्मा की शिकायत से हुई। उन्होंने 29 अक्टूबर को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित को आवेदन देकर बताया था कि उनकी मां के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर किसी दूसरे व्यक्ति को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन जारी कर दिया गया है। इस गड़बड़ी को लेकर उन्होंने कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में भी शिकायत की थी।
शिकायत के बाद मामले की जांच खाद्य विभाग को सौंपी गई थी। विभाग ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट एडीएम कार्यालय भेज दी थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी मामले में आगे की कार्रवाई कराने के बदले कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी रोहित गोठवाल ने उनसे 20 हजार रुपए मांगे। रिश्वत की मांग से परेशान होकर उन्होंने लोकायुक्त पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन किया और गुरुवार को जाल बिछाकर कलेक्ट्रेट में कार्रवाई की। इस दौरान जैसे ही कर्मचारी ने 20 हजार रुपए लिए, टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। सरकारी कार्यालय के भीतर हुई इस कार्रवाई से कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हलचल मच गई।
4 नवंबर 2026