जन प्रकाशन
  • ताज़ा
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • खेल
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • कृषि
  • पर्यावरण
  • मनोरंजन
  • आध्यात्मिक
जन प्रकाशन - Indian Digital News Platform

लिंक

  • हमारे बारे में
  • करियर
  • संपर्क

सहायता

  • गोपनीयता नीति
  • नियम व शर्तें
  • सहायता केंद्र
ई-पेपर पढ़ें

सोशल

© 2026 जन प्रकाशन — सर्वाधिकार सुरक्षित।
नटराज-X द्वारा डिज़ाइन एवं विकास

उज्जैन कलेक्ट्रेट में रिश्वतखोरी का खुलासा, 20 हजार लेते लोकायुक्त ने बाबू को पकड़ा

जन प्रकाशन 5 नवंबर 2026
2 मिनट में पढ़ें
उज्जैन कलेक्ट्रेट में रिश्वतखोरी का खुलासा, 20 हजार लेते लोकायुक्त ने बाबू को पकड़ा

उज्ज्वला योजना में फर्जी गैस कनेक्शन की शिकायत पर कार्रवाई के लिए मांगी थी रिश्वत,

एडीएम कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी पर गिरी गाज

उज्जैन। सरकारी दफ्तरों में आम लोगों के काम कराने के बदले रिश्वत मांगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला उज्जैन कलेक्ट्रेट का है, जहां लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए एडीएम कार्यालय के एक कर्मचारी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ लिया। आरोपी की पहचान सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी रोहित गोठवाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसने उज्ज्वला योजना के तहत फर्जी गैस कनेक्शन जारी होने से जुड़ी शिकायत पर कार्रवाई करने के बदले रुपए मांगे थे।

मां के दस्तावेजों का हुआ था गलत इस्तेमाल

मामले की शुरुआत नागदा के बिरलाग्राम निवासी बृजेश विश्वकर्मा की शिकायत से हुई। उन्होंने 29 अक्टूबर को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित को आवेदन देकर बताया था कि उनकी मां के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर किसी दूसरे व्यक्ति को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन जारी कर दिया गया है। इस गड़बड़ी को लेकर उन्होंने कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में भी शिकायत की थी।

जांच रिपोर्ट पहुंचने के बाद मांगी रिश्वत

शिकायत के बाद मामले की जांच खाद्य विभाग को सौंपी गई थी। विभाग ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट एडीएम कार्यालय भेज दी थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी मामले में आगे की कार्रवाई कराने के बदले कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी रोहित गोठवाल ने उनसे 20 हजार रुपए मांगे। रिश्वत की मांग से परेशान होकर उन्होंने लोकायुक्त पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

कलेक्ट्रेट में पहुंची लोकायुक्त की टीम

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन किया और गुरुवार को जाल बिछाकर कलेक्ट्रेट में कार्रवाई की। इस दौरान जैसे ही कर्मचारी ने 20 हजार रुपए लिए, टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। सरकारी कार्यालय के भीतर हुई इस कार्रवाई से कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हलचल मच गई।

इस खबर को शेयर करें
श्रेणियाँ:मध्यप्रदेशउज्जैनराजनीति

सुझाई गई खबरें

दिल्ली में जहरीली हवा का हमला, AQI 482 पर पहुंचा; हालात चिंताजनक

5 नवंबर 2026

सफाईकर्मियों की हड़ताल से बेहाल भोपाल, सड़कों पर लगे कचरे के ढेर

5 नवंबर 2026

एयरपोर्ट के आसपास अब नहीं चलेगी मनमानी, कचरा फेंका तो होगी कार्रवाई

5 नवंबर 2026

बाल मजदूरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, विशेष सेल बनाने के निर्देश

4 नवंबर 2026

मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प को बड़ा झटका, दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का बहुमत

WhatsApp पर भेजें

4 नवंबर 2026

20 साल की नौकरी में 65 लाख कमाए, संपत्ति मिली 2.41 करोड़ की; लोकायुक्त ने तीन ठिकानों पर मारा छापा

4 नवंबर 2026