
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में प्रदूषण अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। सुबह की शुरुआत साफ हवा के बजाय धुंध और जहरीले वातावरण के बीच हो रही है। गुरुवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 482 दर्ज किया गया। यह गंभीर श्रेणी का स्तर है, जिसमें खुले में सांस लेना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। शहर के सात निगरानी केंद्रों पर भी प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया। आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतें बढ़ने लगी हैं। दिवाली से पहले बिगड़ते हालात ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।
दिल्ली की हवा में घुल रहे जहर के पीछे पराली का धुआं भी बड़ी वजह बन रहा है। गुरुवार की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी बढ़कर 16.2 प्रतिशत हो गई, जबकि बुधवार को यह 8.2 प्रतिशत थी। यानी एक दिन में पराली के धुएं का योगदान लगभग दोगुना हो गया। रिपोर्ट में प्रदूषण के करीब 69 प्रतिशत हिस्से के लिए बाहरी स्रोतों को जिम्मेदार बताया गया है। स्थानीय प्रदूषण के साथ पड़ोसी राज्यों से आने वाला धुआं भी दिल्ली की हवा को खराब कर रहा है।
पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने पंजाब के बरनाला, बठिंडा, फाजिल्का, जालंधर और फरीदकोट के जिला अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। उनसे पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में बरती गई लापरवाही पर जवाब मांगा गया है। दूसरी ओर, मौसम में बदलाव और हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषण के कण वातावरण में ही बने हुए हैं। ऐसे में शुक्रवार तक प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका है।
प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली में वाहनों को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। गैर-BS-VI वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर 1 नवंबर से प्रतिबंध लागू है, जो 31 जनवरी 2027 तक रहेगा। इस फैसले से NCR के लोगों को हो रही परेशानी पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि यह फैसला लोगों की सेहत को ध्यान में रखकर लिया गया है और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं।
खराब हवा का असर हर उम्र के लोगों पर पड़ सकता है, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से परेशान लोगों के लिए खतरा अधिक है। ऐसे में जरूरी न हो तो घर से बाहर निकलने से बचें। सुबह और शाम के समय खुले में मॉर्निंग वॉक या व्यायाम करने से परहेज करें। बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क इस्तेमाल करें। आंखों में जलन, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
2 नवंबर 2026