
इंदौर। शहर के एयरपोर्ट के आसपास अब सुरक्षा नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। विमानों की सुरक्षित आवाजाही में बाधा बनने वाली गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एयरपोर्ट के आसपास लेजर लाइट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही खुले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इंदौर-पीथमपुर और सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर जाने वाले मार्गों पर विशेष सफाई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एयरपोर्ट के आसपास ऊंची इमारतों के निर्माण और पेड़ों की वजह से उड़ानों को होने वाले संभावित खतरे को भी दूर करने पर जोर दिया गया है।
एयरपोर्ट के आसपास खुले में कचरा फेंकना केवल गंदगी फैलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हवाई सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। कचरे के ढेर पर पक्षियों का जमावड़ा बढ़ता है। ऐसे में उड़ान भरते या उतरते समय पक्षियों के विमानों से टकराने की आशंका रहती है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने संबंधित मार्गों पर नियमित सफाई कराने, कचरा फेंकने वालों पर नजर रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
विमानों के परिचालन के दौरान लेजर लाइट का इस्तेमाल पायलटों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन सकता है। इसे देखते हुए एयरपोर्ट के आसपास लेजर गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। वहीं, रनवे के आसपास ऊंची इमारतों के निर्माण को लेकर भी नियमों का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया गया है। एयरपोर्ट की बाहरी सीमा और रनवे के आसपास मौजूद पेड़ों की वजह से उड़ानों के रास्ते में कोई बाधा न आए, इसके लिए उनकी कटाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
डिविजनल कमिश्नर भास्कर लक्षाकार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में एयरपोर्ट के आसपास की सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने और तय निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि एयरपोर्ट के आसपास ऐसी कोई गतिविधि न हो, जिससे विमानों की सुरक्षित आवाजाही प्रभावित हो या यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो।
4 नवंबर 2026