
इंदौर। मालवा-निमाड़ सहित प्रदेश के अधिकांश किसान पिछले कई दिनों से मानसून का इंतजार कर रहे थे। बुधवार को मानसून के आगमन व प्रदेश के जिलों में हुई वर्षा से किसानों के लिए राहत की फुहारें बनकर आई।
इंदौर में बारिश से शहरवासियों को गर्मी व उमस से राहत मिली। वहीं प्रदेश में अभी मानसून की देरी के कारण बोवनी 15 दिन लेट हो चुकी है। मानसून आगमन के साथ प्रदेश में अच्छी वर्षा होने से किसान खरीफ फसल की बोवनी शुरु कर सकेंगे। वहीं जो बोवनी कर चुके है उन्हें सिंचाई में राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 45 जिलों में आंधी व वर्षा की चेतावनी जारी की है।
आज प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिसमें भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, सतना, अनुपपूर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढर्णा शामिल है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इंदौर में इस बार मानसून का आगमन महाराष्ट्र की ओर से हुआ है। इस बार मानसून की पूर्वी व पश्चिमी शाखा दोनों सक्रिय थी। इसके प्रभाव से ही प्रदेश में मानसून के प्रवेश का बुधवार को हुआ। मानसून 21 से 23 जून तक मुंबई व छत्तीसगढ़ के आसपास बना हुआ था। मुंबई में पिछले दो दिनों से हो रही झमाझम वर्षा के बाद मानसून जो धीमी गति से बढ़ रहा था, उसने गति पकड़ी। इसके बाद मप्र की ओर मानसून आगे बढ़ा। अगले दो से तीन दिन में मानूसन गुजरात मप्र के हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों व उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंचेगा। इसके लिए मानसून की परिस्थितियां भी अनूकूल बनी हुई है।
आगामी तीन दिनों में इंदौर में बादल छाए रहने के कारण धूप में कमी आएगी। दिन व रात के तापान में गिरावट होगी व वर्षा की गतिविधियां जारी रहेगी। इंदौर में अगले 24 घंटे में मध्यम स्तर की वर्षा होने की संभावना है।
4 अगस्त 2026