
भोपाल। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक अंदाज में एक बार फिर अधिकारियों को आईना दिखाते नजर आए। भोपाल में सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत के दौरान उन्होंने RTO अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि बहुत से RTO ऑफिसर गांधीवादी हैं। गांधी की नोट दिखाई देती है और वे फटाफट ठप्पा मार देते हैं। गडकरी ने साफ चेतावनी दी कि गलत बस को सेंक्शन किया तो आपकी नौकरी चली जाएगी। उन्होंने कहा- मैं ट्रांसपोर्ट का मंत्री हूं और आपसे हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि नियमों के साथ खिलवाड़ न करें।
देश में E-20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच गडकरी ने इसके इस्तेमाल और फायदे भी गिनाए। उन्होंने कहा कि E-20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है और यह इथेनॉल किसान तैयार करता है। अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे देशों में भी इथेनॉल का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में भी बड़ी संख्या में वाहन E-20 ईंधन का उपयोग कर रहे हैं।
गडकरी ने कहा कि देश में ऊर्जा के क्षेत्र में किसानों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। अब किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी बन रहा है। उन्होंने 100 प्रतिशत इथेनॉल से चलने वाले फ्लेक्स इंजन का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी तकनीक से पेट्रोल पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने निजी वाहनों को टैक्सी के रूप में चलाने को लेकर भी नए नियम बनाए जाने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि परिवहन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, ऐसे में निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर व्यावहारिक और स्पष्ट व्यवस्था जरूरी है।
भोपाल दौरे के दौरान गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवास पर सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्टों की समीक्षा की। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एमपीआरडीसी के एमडी भरत यादव ने आगामी कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन दिया।
बैठक में जबलपुर के पास शहपुरा आरओबी की खराब एप्रोच रोड का मुद्दा भी उठा। एप्रोच रोड खराब होने के कारण यातायात को डायवर्ट किया गया है और इस वजह से वाहन इस मार्ग पर कम चल रहे हैं। इसके बावजूद टोल वसूली जारी थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह मामला गडकरी के सामने रखा। मामले की जानकारी मिलते ही गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक आरओबी और एप्रोच रोड ठीक नहीं हो जाती, तब तक टोल वसूली बंद रखी जाए।
26 अक्टूबर 2026