
खंडवा। कोलगांव में स्वामित्व योजना के तहत तैयार राजस्व रिकॉर्ड सामने आने के बाद जमीनों की प्रविष्टियों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। गांव के तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई और उनकी पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम कुल 51 संपत्तियां दर्ज मिली हैं। इनमें 48 संपत्तियां पटवारी और 3 उनकी पत्नी के नाम बताई गई हैं। ग्रामीणों की शिकायत है कि रिकॉर्ड में कुछ ऐसी जमीनें भी शामिल कर दी गईं, जिनका उपयोग वर्षों से सामूहिक आंगन, रास्ते और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए होता रहा है। मामला सामने आने के बाद पटवारी को निलंबित कर दिया गया है।
स्वामित्व भू-अधिकार निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के तहत कोलगांव में 935 पट्टे तैयार किए गए थे। इसी रिकॉर्ड की जांच के दौरान राजेश मंडलोई और उनकी पत्नी के नाम 51 संपत्तियों की प्रविष्टियां सामने आईं। जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र की जमीनों और पुराने उपयोग की स्थिति से रिकॉर्ड का मिलान करना शुरू किया। इसके बाद कई जमीनों की प्रविष्टियों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
शिकायतों में दावा किया गया है कि कुछ जमीनों का इस्तेमाल किसी एक व्यक्ति के बजाय कई परिवार वर्षों से करते आ रहे हैं। इनमें घरों के बीच के साझा आंगन, लोगों के आने-जाने के रास्ते, खुली जमीन और बावड़ी जैसी जगहों का उल्लेख किया गया है। एक जमीन पर बलाही समाज द्वारा मांगलिक भवन का निर्माण शुरू किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। रिकॉर्ड में पटवारी का नाम होने के बाद इस निर्माण को रोकने की बात कही गई है।
एक ही परिवार के नाम इतनी बड़ी संख्या में संपत्तियों की प्रविष्टियां मिलने के बाद अब सवाल केवल जमीनों के स्वामित्व तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि स्वामित्व योजना के दौरान सर्वे से लेकर रिकॉर्ड तैयार करने और सत्यापन तक की प्रक्रिया में इन प्रविष्टियों की जांच कैसे हुई। यदि कुछ जमीनें वास्तव में सार्वजनिक या सामूहिक उपयोग की थीं तो उनके निजी नाम पर दर्ज होने की प्रक्रिया क्या थी, इसकी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद संबंधित खसरों का रिकॉर्ड और मौके की स्थिति जांची गई। नायब तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई को मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम, 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित कर दिया गया। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कोलगांव में स्वामित्व योजना के तहत तैयार किए गए सभी 935 रिकॉर्ड की दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि 51 संपत्तियों की प्रविष्टियां किस आधार पर की गईं और क्या अन्य जमीनों के रिकॉर्ड में भी इसी तरह की अनियमितता है। साथ ही रिकॉर्ड तैयार करने और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया भी जांच के दायरे में रहेगी।
कोलगांव में सामने आया यह मामला अब केवल एक कर्मचारी के नाम दर्ज संपत्तियों का नहीं, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड की पूरी प्रक्रिया की जांच का विषय बन गया है। 935 रिकॉर्ड की दोबारा पड़ताल के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामला 51 संपत्तियों तक सीमित है या रिकॉर्ड में इससे कहीं ज्यादा गड़बड़ियां छिपी हुई हैं।
28 अक्टूबर 2026