
इंदौर। सरकारी अस्पतालों में इलाज के साथ जांच की सुविधा भी लगातार मजबूत हो रही है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध 8 अस्पतालों में अब करीब 250 तरह की जांचें मरीजों को बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें कई ऐसी जांचें भी शामिल हैं, जिनके लिए निजी पैथोलॉजी सेंटर में मरीजों को हजारों रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं। जांच की व्यवस्था बेहतर होने के साथ रिपोर्ट तैयार होने में लगने वाला समय भी कम हुआ है।
अस्पतालों में जांच के बाद मरीजों को रिपोर्ट के लिए बार-बार अस्पताल आने की जरूरत न पड़े, इसके लिए रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। मरीज अपने मोबाइल पर जांच रिपोर्ट देख सकते हैं। इससे समय की बचत के साथ अस्पताल में अनावश्यक भीड़ भी कम करने में मदद मिल रही है।
एमजीएम से संबद्ध अस्पतालों में उपलब्ध जांचों में कुछ ऐसी जांचें भी हैं, जिनकी निजी क्षेत्र में कीमत करीब 10 हजार रुपए तक पहुंच जाती है। सरकारी अस्पताल में ये जांचें नि:शुल्क होने से मरीजों को इलाज के दौरान होने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत मिल रही है। खासकर गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविन्द घनघोरिया के अनुसार, वर्तमान में संबद्ध अस्पतालों में हर महीने 10 हजार से अधिक जांचें नि:शुल्क की जा रही हैं। पहले जांच में इस्तेमाल होने वाले जरूरी केमिकल और संसाधनों की उपलब्धता नियमित नहीं रहने से व्यवस्था प्रभावित होती थी। कई बार कुछ दिनों तक जांचें चलती थीं और फिर संसाधन खत्म होने पर कई दिनों तक बंद करनी पड़ती थीं। अब संसाधनों की उपलब्धता बेहतर होने से जांच व्यवस्था लगातार संचालित हो रही है।
जांच सुविधाओं में सुधार का असर अस्पतालों की ओपीडी पर भी दिखाई दे रहा है। पहले रोजाना करीब 3 हजार मरीज ओपीडी में पहुंचते थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 5 हजार से अधिक हो गई है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, जांच और उपचार की सुविधाएं एक ही जगह मिलने से मरीजों का सरकारी अस्पतालों की ओर रुझान बढ़ा है।
250 तरह की जांचें नि:शुल्क होने से मरीजों को जांच के लिए निजी लैब का सहारा कम लेना पड़ रहा है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह व्यवस्था उपचार का खर्च घटाने में मदद कर रही है। जांच, रिपोर्ट और उपचार की सुविधाएं एक ही सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में मिलने से मरीजों को इलाज की प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत आसान हो रही है।
28 अक्टूबर 2026