
इंदौर। दीपावली पर घरों में मिठाइयों और दूध से बने खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ने के साथ उनकी शुद्धता को लेकर भी सतर्कता जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहर में जांच अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों के 9 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर मावा, मिल्क केक, पनीर, घी और अन्य खाद्य पदार्थों के 18 नमूने लिए। मुसाखेड़ी की एक डेयरी में खराब क्रीम के दो टीन मौके पर ही नष्ट कराए गए। इस कार्रवाई का मकसद त्योहार के दौरान लोगों को मिलावटी और खराब खाद्य सामग्री के संभावित खतरे से बचाना है।
खाद्य सुरक्षा टीम ने प्रिंस नगर स्थित बालाजी दूध डेयरी एंड स्वीट्स से मावा और मिल्क केक तथा सिरपुर स्थित अजंता स्वीट्स एवं नमकीन से मिल्क केक का नमूना लिया। मुसाखेड़ी के महेश दूध डेयरी एवं मिष्ठान भंडार से गुलाब जामुन, मावा और पनीर की जांच के लिए नमूने जुटाए गए। विजय प्रजापत डेयरी से मावा और मिल्क केक, श्री कृष्णा डेयरी से मावा और मावा कतली तथा यदुराज डेयरी से घी, पनीर और मावा कतली के नमूने लिए गए। पालीवाल स्वीट्स से भी मावा का नमूना लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, प्रिंस नगर स्थित श्री सांवरिया दूध डेयरी एंड स्वीट्स से मलाई बर्फी और मिल्क केक के नमूने लिए गए। छोटा बांगड़दा स्थित श्री फलोदी फूड्स से मूंगफली गुड़ पट्टी और तिल लड्डू के नमूने एकत्र किए गए। निरीक्षण के दौरान इस प्रतिष्ठान पर वैध खाद्य पंजीयन प्रस्तुत नहीं किया गया। संचालक को आवश्यक पंजीयन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, मुसाखेड़ी की डेयरी में खराब क्रीम के दो टीन नष्ट कराना इस बात की याद दिलाता है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में लापरवाही सीधे उपभोक्ताओं की सेहत के लिए जोखिम बन सकती है।
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में चल रहे अभियान के तहत लिए गए सभी नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट में मिलावट, गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी या अन्य नियमों का उल्लंघन सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। त्योहार के दौरान अभियान जारी रहेगा।
23 अक्टूबर 2026