
जबलपुर। मध्यप्रदेश के शिक्षकों को सेवा अवधि और वेतनमान से जुड़े मामले में जबलपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना उनकी पहली नियुक्ति की तारीख से करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद उन शिक्षकों को आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिनकी सेवा अवधि की गणना बाद की तारीख से की जा रही थी।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार पात्र शिक्षकों को वर्ष 2006 से छठे वेतनमान का लाभ दिया जाना है। सेवा अवधि की दोबारा गणना होने के बाद शिक्षकों के वेतन का पुनर्निर्धारण भी किया जाएगा। इससे शिक्षक के पद, नियुक्ति और वर्तमान वेतनमान के आधार पर करीब 10 से 20 हजार रुपए तक मासिक वेतन बढ़ने की संभावना है।
फैसले का सबसे बड़ा आर्थिक असर बकाया राशि पर पड़ेगा। आदेश के तहत शिक्षकों को करीब 10 वर्षों के वेतन अंतर का एरियर भी मिल सकता है। यानी शिक्षकों को सिर्फ आगे बढ़ा हुआ वेतन ही नहीं मिलेगा, बल्कि पिछली अवधि में कम मिले वेतन की राशि का भी भुगतान करना होगा।
हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश का पालन करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। अब संबंधित विभाग को शिक्षकों की पहली नियुक्ति की तारीख के आधार पर सेवा अवधि की गणना, वेतन निर्धारण और एरियर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस फैसले से लंबे समय से सेवा अवधि और वेतन विसंगति को लेकर संघर्ष कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
28 अक्टूबर 2026