
दतिया। विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है। चुनावी नतीजों की समीक्षा के बाद प्रदेश नेतृत्व ने दतिया की जिला कार्यकारिणी के साथ ही सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की इकाइयों को भंग कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने समीक्षा समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया है।
चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर सामने आए वायरल पोस्ट और पत्र भी अब पार्टी की जांच के दायरे में हैं। भाजपा ऐसे पोस्ट और पत्रों को साझा करने वाले लोगों की सूची तैयार करेगी। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इन लोगों के किन राजनीतिक नेताओं या समूहों से संबंध हैं और चुनाव के दौरान उनकी क्या भूमिका रही।
दतिया में हार के कारणों पर चर्चा के लिए मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री आवास पर अहम बैठक बुलाई गई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, चुनाव प्रभारी भारत सिंह कुशवाह, सह प्रभारी राहुल कोठारी, भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे, कार्यालय मंत्री श्याम महाजन और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा समेत करीब 25 नेता शामिल हुए। बैठक में उपचुनाव के नतीजों को लेकर संगठन के स्तर पर मंथन किया गया। पार्टी की चुनावी रणनीति, स्थानीय स्तर पर संगठन की सक्रियता और नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल समेत कई पहलुओं पर चर्चा होने की जानकारी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चुनाव की समीक्षा के लिए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को समिति में शामिल किया है। समिति दतिया जाकर चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत करेगी।
समीक्षा के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि भाजपा की ओर से पूरी ताकत झोंके जाने के बावजूद पार्टी प्रत्याशी अपेक्षित परिणाम हासिल क्यों नहीं कर सके। संगठन के स्तर पर हुई संभावित चूकों और चुनावी रणनीति से जुड़े पहलुओं को भी समिति अपनी रिपोर्ट में शामिल कर सकती है।
28 अक्टूबर 2026