
सीहोर। मूंग फसल की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने और खरीदी सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को भैरूंदा में किसानों ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। "डेरा डालो-घेरा डालो" आंदोलन के तहत 1500 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ हजारों किसान सड़कों पर उतर आए, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर सोमवार दोपहर 2 बजे से यातायात प्रभावित रहा और लंबा जाम लग गया।
सुबह कृषि उपज मंडी परिसर में किसान बड़ी संख्या में एकत्र हुए। इसके बाद निकली विशाल ट्रैक्टर रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। करीब दो किलोमीटर लंबे ट्रैक्टर काफिले के दौरान किसान सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे। आंदोलन को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया तथा यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक कलेक्टर स्वयं मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों पर जवाब नहीं देंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों की प्रमुख मांगों में ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करना, मूंग की शत-प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी, प्रति एकड़ खरीदी सीमा समाप्त करना तथा सभी पंजीकृत किसानों की पूरी उपज खरीदना शामिल है।
किसान स्वराज संगठन के जिला अध्यक्ष गजेंद्र जाट ने कहा कि मूंग खरीदी सहित विभिन्न किसान हितैषी मांगों को लेकर हजारों किसान भैरूंदा में "डेरा डालो घेरा डालो" आंदोलन के तहत एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार मूंग खरीदी की वर्तमान सीमा में संशोधन कर किसानों की पूरी उपज खरीदने का निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, लेकिन खरीदी पर लगी सीमाओं के कारण किसान अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
28 अक्टूबर 2026