
भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की टिप्पणी से किसी का मनोबल नहीं गिरता। यदि व्यक्ति सत्य और सही मार्ग पर चल रहा है तो उसे कभी-कभी ऐसी टिप्पणियां भी सहनी पड़ती हैं और उन्हें सहजता से स्वीकार करना चाहिए।
भोपाल में एक निजी संस्था के कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि "सरकार आने के बाद हर अधिकारी स्वयंसेवक बन गया। हर कोई कहता है कि हमने भी बेल्ट बांधी है। एक अधिकारी ने मुझसे कहा कि मेरे पिताजी संघ की शाखा के अध्यक्ष थे, जबकि शाखा में कोई अध्यक्ष होता ही नहीं।" उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया और इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी इस टिप्पणी को लेकर चर्चा जारी है।
विजयवर्गीय का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कई लोगों ने इसे अधिकारियों की कार्यशैली पर कटाक्ष माना, जबकि कुछ ने इसे संघ के नाम का हवाला देकर निकटता दिखाने की प्रवृत्ति पर व्यंग्य बताया।
इसी बीच इंद्रेश कुमार की प्रतिक्रिया ने इस पूरे घटनाक्रम को नया आयाम दे दिया है। उनके बयान को संघ की ओर से आई एक संतुलित प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने आलोचनाओं को सहजता से लेने और सही मार्ग पर आगे बढ़ते रहने का संदेश दिया है।
28 अक्टूबर 2026