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पेट्रोल और डीजल की कमी के चलते छत्तीसगढ़ सरकार ने लागू किए नए नियम, कृषि और सरकारी कार्यों के लिए राहत, बोतल में पेट्रोल देने वालों पर होगी कार्रवाई

जन प्रकाशन 23 मई 2026
3 मिनट में पढ़ें
पेट्रोल और डीजल की कमी के चलते छत्तीसगढ़ सरकार ने लागू किए नए नियम, कृषि और सरकारी कार्यों के लिए राहत, बोतल में पेट्रोल देने वालों पर होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़। पेट्रोल के बढ़ते भाव और ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेश के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि अब ईंधन केवल सीधे वाहन की टंकी में ही दिया जाएगा। ड्रम, बोतल और जेरीकेन में पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला ईंधन की जमाखोरी, अवैध भंडारण और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

खेती-किसानी कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए किसानों को राहत

राज्य शासन ने खेती-किसानी कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए किसानों को राहत प्रदान की है। रबी फसल कटाई और खरीफ सीजन की तैयारी को ध्यान में रखते हुए किसानों को कंटेनर में डीजल लेने की अनुमति दी गई है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और सिंचाई पंपों के संचालन के लिए किसान स्थानीय प्रशासन की अनुमति लेकर डीजल प्राप्त कर सकेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कृषि कार्यों के दौरान ईंधन की कमी नहीं होने दी जाएगी और किसानों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

बड़े निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों और उपकरणों के लिए कंटेनर में डीजल देंगे

रेलवे, सड़क और भवन निर्माण जैसी समयबद्ध सरकारी परियोजनाओं को भी इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। बड़े निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों और उपकरणों के लिए कंटेनर में डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिला कलेक्टर आवश्यक परियोजनाओं की पहचान करेंगे और अनुमति मिलने के बाद ही पेट्रोल पंपों से ईंधन दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होंगे।

अस्पतालों, एंबुलेंस सेवाओं और मोबाइल टावर डीजल आपूर्ति जारी

सरकार ने अस्पतालों, एंबुलेंस सेवाओं और मोबाइल टावर संचालन को अत्यावश्यक सेवा मानते हुए इनके लिए डीजल आपूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए हैं। जनरेटर आधारित सेवाओं को बाधित होने से बचाने के लिए प्रशासन विशेष अनुमति जारी करेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और संचार व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी।

बोतल में पेट्रोल देने वालों पर कार्रवाई

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ड्रम, बोतल या जेरीकेन में पेट्रोल-डीजल बेचने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कहा है कि मोटर स्पिरिट एवं हाई स्पीड डीजल (प्रदाय एवं वितरण विनियमन तथा अनाचार निवारण) आदेश 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत इसे अप्राधिकृत विक्रय मानते हुए संबंधितों पर प्रकरण दर्ज किया जाएगा। राज्य शासन ने यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है और सभी जिलों को इसके पालन के निर्देश जारी किए गए हैं।

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श्रेणियाँ:छत्तीसगढ़रायपुरराजनीतिव्यापार

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