
सिंगरौली। सरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 को कोयला लोडिंग-अनलोडिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने के मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने अदाणी समूह की कंपनी एसीसी लिमिटेड को फिलहाल प्लेटफार्म खाली करने के अंतरिम निर्देश दिए हैं।
यह मामला सरई के ग्राम शिवगढ़ निवासी अधिवक्ता विनय जायसवाल की जनहित याचिका के जरिए हाई कोर्ट पहुंचा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यात्रियों के लिए निर्धारित प्लेटफार्म का करीब तीन वर्षों से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रहा है। जबकि शुरुआत में कोयला लोडिंग-अनलोडिंग की अनुमति केवल तीन महीने के लिए दी गई थी।
याचिका में कहा गया है कि प्लेटफार्म पर कोयले की लगातार आवाजाही से धूल, कालिख और मलबा जमा हो रहा है। इसका सीधा असर रेलवे यात्रियों पर पड़ रहा है। आसपास रहने वाले नागरिकों को भी प्रदूषण और गंदगी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने की। सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने कोर्ट के समक्ष अपना जवाब प्रस्तुत किया।
मामले में हाई कोर्ट के अंतरिम निर्देश के बाद प्लेटफार्म नंबर-1 को कोयला लोडिंग-अनलोडिंग की गतिविधियों से खाली कराने की प्रक्रिया का रास्ता साफ हुआ है। याचिका में यात्रियों की सुविधा और सार्वजनिक प्लेटफार्म के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
30 अक्टूबर 2026