
इंदौर। शहर में पानी बचाने की अपील के बीच अब नगर निगम ने बर्बादी करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को आरआर कैट रोड पर 7 स्टेप गार्डन के सामने दुकान के बाहर पाइप से पानी बहाकर सफाई करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। मौके पर पहुंचे महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इसे रोकते हुए निगम की टीम को चालान बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद संबंधित व्यक्ति पर 2 हजार रुपए का स्पॉट फाइन लगाया गया।
मामला जोन क्रमांक 21 के वार्ड 79 का है। क्षेत्र के भ्रमण के दौरान महापौर ने दुकान के बाहर पानी बहाकर सफाई होते देखी। उन्होंने संबंधित व्यक्ति को रोककर पानी के इस तरह इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। व्यक्ति ने अपनी ओर से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने की बात कही, लेकिन महापौर ने साफ किया कि बारिश के पानी को सहेजने की व्यवस्था होने का मतलब यह नहीं कि उपलब्ध पानी को बेवजह बहाया जाए। उन्होंने कहा कि पानी बचाने की जिम्मेदारी हर नागरिक की है।
महापौर ने पानी की जरूरत और उसकी बर्बादी के बीच का अंतर समझाते हुए कहा कि एक ओर लोगों को पीने के पानी के लिए इंतजाम करने पड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर पानी को खुले में बहाया जा रहा है। ऐसी लापरवाही आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकती है। पानी की कमी होने पर टैंकरों की मांग बढ़ेगी और फिर उपलब्धता को लेकर शिकायतें सामने आएंगी।
महापौर के निर्देश के बाद सीएसआई मनीष सिंह और सहायक सीएसआई रवि सिंह ने टीम बेसिक्स की मौजूदगी में कार्रवाई की। नगर निगम का कहना है कि पानी की बर्बादी रोकने और उपलब्ध जल का जिम्मेदारी से उपयोग कराने के लिए ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों और दुकानों के बाहर सफाई के दौरान पाइप से लगातार पानी बहाने से बचें और जरूरत के अनुसार ही जल का इस्तेमाल करें।
28 अक्टूबर 2026