
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव की प्रक्रिया के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के चुनावी हलफनामे को लेकर सवाल खड़े कर दिए। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने आरोप लगाया कि पुरी के शपथपत्र में 100 से अधिक गलतियां हैं। उन्होंने दावा किया कि इसमें पत्नी का नाम तक दर्ज नहीं है, जबकि संपत्ति का विवरण भारतीय रुपए की जगह अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक में दिया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने इसे नामांकन प्रक्रिया में अलग-अलग मापदंड अपनाने का मामला बताते हुए सवाल उठाए। उनका कहना है कि कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी का नामांकन छोटी-सी कमी के आधार पर निरस्त कर दिया गया, जबकि पुरी के शपथपत्र में इतनी खामियां होने के बावजूद उन्हें जवाब देने का अवसर दिया जा रहा है। कांग्रेस ने पूछा कि दोनों मामलों में अलग-अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है।
मंगलवार दोपहर 2 बजे से शुरू हुई स्क्रूटनी में कांग्रेस नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता जेपी धनोपिया, विधायक हेमंत कटारे और निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी ने रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा के सामने पुरी के नामांकन को लेकर लिखित आपत्तियां पेश कीं। कांग्रेस ने इन आपत्तियों के आधार पर उनका नामांकन निरस्त करने की मांग की है। अब इन आपत्तियों पर रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इधर, उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे कांते सायन्ना का नामांकन भी निरस्त कर दिया गया। राजकुमार लोहानी के मुताबिक, सायन्ना के नामांकन पत्र में प्रस्तावक का नाम दर्ज नहीं था। इस तरह स्क्रूटनी के दौरान एक ओर निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त हुए, तो दूसरी ओर हरदीप सिंह पुरी के नामांकन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद गहरा गया।
26 अक्टूबर 2026