जन प्रकाशन
  • ताज़ा
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • खेल
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • कृषि
  • पर्यावरण
  • मनोरंजन
  • आध्यात्मिक
जन प्रकाशन - Indian Digital News Platform

लिंक

  • हमारे बारे में
  • करियर
  • संपर्क

सहायता

  • गोपनीयता नीति
  • नियम व शर्तें
  • सहायता केंद्र
ई-पेपर पढ़ें

सोशल

© 2026 जन प्रकाशन — सर्वाधिकार सुरक्षित।
नटराज-X द्वारा डिज़ाइन एवं विकास

अरुणाचल में चीन से तनाव के बीच ITBP की नई तैयारी, ड्रोन और कमांडो पर जोर

जन प्रकाशन 24 अक्टूबर 2026
3 मिनट में पढ़ें
अरुणाचल में चीन से तनाव के बीच ITBP की नई तैयारी, ड्रोन और कमांडो पर जोर

ITBP के महानिदेशक ने बताया- पिछले कुछ महीनों में अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आए हैं

नई दिल्ली। यदि आपको लग रहा है कि भारत-चीन के बीच तनाव कम हुआ है तो ऐसा नहीं है। अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) अपनी सुरक्षा रणनीति में बदलाव की तैयारी कर रही है। फोर्स अब ड्रोन निगरानी, दुश्मन के ड्रोन को निष्क्रिय करने की तकनीक और आधुनिक युद्ध कौशल पर विशेष ध्यान दे रही है। ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आए हैं। कुछ स्थानों पर टकराव जैसी स्थिति भी बनी और तनाव अब तक कायम है।

जुलाई से संवेदनशील इलाकों में बनी हुई है स्थिति

कपूर ने गुरुवार को राजस्थान के अलवर स्थित सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज में हिमवीर सम्मान समारोह के दौरान सीमा की स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा क्षेत्रों में जुलाई के अंत से तनाव बना हुआ है। इसके मद्देनजर भारत ने सीमा पर अपनी तैनाती भी बढ़ाई है। कपूर का यह बयान उनके 31 अक्टूबर को होने वाले रिटायरमेंट से एक सप्ताह पहले आया है।

ड्रोन तकनीक पर बढ़ेगा निवेश

सीमा की निगरानी और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ITBP की आधुनिकीकरण योजना में ड्रोन तकनीक को अहम स्थान दिया गया है। करीब 4,000 करोड़ रुपए की प्रस्तावित योजना में से 1,000 करोड़ रुपए ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम के लिए रखे जाने की तैयारी है। वहीं, 400 करोड़ रुपए की मौजूदा योजना में लगभग 70 प्रतिशत राशि ड्रोन क्षमता बढ़ाने पर खर्च करने का प्रावधान है। फोर्स की सभी सीमा सुरक्षा बटालियनों में ड्रोन प्लाटून बनाई जा चुकी हैं। जवानों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देने के साथ अपने ड्रोन विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

जमीन के नीचे सुरक्षित रहेंगे जवान

बदलते युद्ध तरीकों को देखते हुए ITBP सीमा चौकियों पर भूमिगत सुरक्षा ढांचे तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। योजना सफल रहने पर इन ढांचों को स्थायी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसके साथ ही जवानों को आधुनिक युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 'स्ट्राइक' नाम का प्रशिक्षण कोर्स शुरू किया गया है। वर्ष 2027 के अंत तक पूरी फोर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। प्रत्येक बटालियन में शौर्य कमांडो टीम तैयार करने की योजना भी है।

विदेश मंत्रालय बोला- सीमा पर शांति जरूरी

ITBP प्रमुख के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति तब बिगड़ती है, जब चीनी सैनिक तय गश्त व्यवस्था से अलग गतिविधियां करते हैं। भारत का कहना है कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के संबंधों के व्यापक विकास के लिए आवश्यक है। सीमा से जुड़े मुद्दों पर WMCC, विशेष प्रतिनिधि और कोर कमांडर स्तर पर बातचीत होती रही है, लेकिन इसके बावजूद कुछ इलाकों में तनाव बना हुआ है।

इस खबर को शेयर करें
श्रेणियाँ:देशविदेशराजनीति

सुझाई गई खबरें

सरकार ने बदले मोटर वाहन नियम, E20 से E100 तक के ईंधन के लिए खास तकनीक जरूरी

27 अक्टूबर 2026

अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी बरी, 2018 में भाजपा नेता ने दर्ज कराया था मानहानि का केस

26 अक्टूबर 2026

E100 फ्यूल को मंजूरी, इथेनॉल से चलने वाली कारों का रास्ता साफ

26 अक्टूबर 2026

लॉरेंस गैंग के हैरी बाक्सर तक पहुंचने में जुटी इंदौर क्राइम ब्रांच, विदेश में छिपे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी करने की तैयारी

26 अक्टूबर 2026

‘100% होल व्हीट’ का दावा पड़ा भारी, CCPA ने ब्रिटानिया पर लगाया एक लाख का जुर्माना

WhatsApp पर भेजें

24 अक्टूबर 2026

SIR के खिलाफ दिल्ली में फिर प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

23 अक्टूबर 2026