
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य कर दी गई है। भारत मंडपम में होने वाले इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए दिल्ली पुलिस से लेकर पैरामिलिट्री तक को तैनात किया गया है। सम्मेलन के दौरान वीवीआईपी मूवमेंट के चलते कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
सम्मेलन की सुरक्षा में करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मियों के साथ पैरामिलिट्री की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं। निगरानी के लिए 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां वीवीआईपी रूट और आयोजन स्थल के आसपास लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी सात साल के अंतराल के बाद भारत दौरे पर आ रहे हैं। दोनों नेताओं की मौजूदगी के चलते दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दिल्ली की 35 से ज्यादा सड़कों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है। वीवीआईपी काफिलों के गुजरने के समय कुछ मार्गों पर अस्थायी रोक लगाई जा सकती है। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि राजधानी में सामान्य जनजीवन पूरी तरह बाधित नहीं होगा। मेट्रो, बस और टैक्सी सेवाएं चलती रहेंगी।
सुरक्षा कारणों से कुछ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अस्थायी पाबंदियां लगाई गई हैं। कनॉट प्लेस का बाजार खुला रहेगा, जबकि मेट्रो म्यूजियम और राष्ट्रपति भवन को 13 सितंबर तक बंद रखा गया है। सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता शामिल होंगे और समापन के दौरान न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन जारी किया जाएगा।
26 अक्टूबर 2026