
इंदौर। शहर में डॉक्टरों ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण मेडिकल केस का सफल इलाज किया है। 45 वर्षीय बैंककर्मी की दोनों किडनियों में कैंसर की गांठें थीं, लेकिन डॉक्टरों ने किडनियां निकालने के बजाय सिर्फ ट्यूमर हटाकर दोनों अंगों को सुरक्षित बचा लिया। केयर सीएचएल हॉस्पिटल में यह जटिल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी दो चरणों में की गई। सर्जरी के बाद अब मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ है।
गुना निवासी 45 वर्षीय बैंककर्मी संतोष वर्मा को जनवरी 2026 में यूरिन में खून आने की शिकायत हुई। कुछ समय बाद दाईं ओर कमर में तेज दर्द भी रहने लगा। तकलीफ बढ़ने पर उन्होंने डॉक्टर से संपर्क किया और जांच कराई। मेडिकल जांच की रिपोर्ट ने डॉक्टरों को चौंका दिया। संतोष की दोनों किडनियों में गांठें दिखाई दीं। इनमें दाईं किडनी का ट्यूमर काफी बड़ा था। इसके बाद डॉक्टरों ने बायोप्सी समेत कई जरूरी जांच कराईं।
विस्तृत जांच के बाद सामने आया कि दोनों किडनियों में कैंसर विकसित हो चुका है। ऐसी स्थिति में मरीज के सामने किडनी की कार्यक्षमता खोने का बड़ा खतरा था। दोनों किडनियां निकालने पर डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती थी।
डॉक्टरों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए पूरी किडनी निकालने के बजाय उसे बचाने का विकल्प चुना। योजना के तहत दोनों किडनियों की अलग-अलग सर्जरी कर केवल कैंसरयुक्त गांठों को हटाने का फैसला किया गया।
दो अलग-अलग ऑपरेशन में डॉक्टरों ने ट्यूमर को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला और किडनियों के स्वस्थ हिस्से को सुरक्षित रखा। अत्याधुनिक लेप्रोस्कोपिक तकनीक की मदद से सर्जरी को अंजाम दिया गया।
ऑपरेशन सफल रहने के बाद संतोष की दोनों किडनियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं। मरीज की सेहत में सुधार है और वह अब सामान्य जीवन जी रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों किडनियों में एक साथ कैंसर होना चुनौतीपूर्ण स्थिति है। ऐसे मामलों में कैंसर को पूरी तरह हटाने के साथ किडनी की कार्यक्षमता बचाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस केस में दोनों लक्ष्य हासिल किए गए।
26 अक्टूबर 2026