
अंबिकापुर। कोरिया जिले के सोनहत तहसील अंतर्गत ग्राम कटगोड़ी से लगे नवगई में मंगलवार देर रात रेत के अवैध कारोबार को लेकर हुई रंजिश ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। लगभग 30 लोगों की भीड़ ने फॉर्च्यूनर सवार भाजपा नेता और सोनहत जनपद के पूर्व उपाध्यक्ष भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले टिपर से कई बार टक्कर मारकर फॉर्च्यूनर के दरवाजे जाम कर दिए, फिर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
आग की लपटों में घिरने से फॉर्च्यूनर में सवार भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उनका शव पूरी तरह जलकर खाक हो गया। वाहन का शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे उनके तीन समर्थक भी बुरी तरह झुलस गए। हमलावरों ने बाहर निकल रहे लोगों से भी बेरहमी से मारपीट की। 40 से 60 फीसदी तक झुलसे घायलों को पहले बैकुंठपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में अंबिकापुर फिर रायपुर शिफ्ट किया गया है।
लल्ला सिंह का बैकुंठपुर के महलपारा के अलावा नवगई में भी घर है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्ष के बीच रेत के कारोबार को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी। मंगलवार दोपहर मृतक पक्ष के एक सदस्य ने दूसरे पक्ष के युवक, जो आरोपित का भतीजा बताया जा रहा है, से मारपीट कर दी थी। इसी के बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात भरत सिंह अपने समर्थकों के साथ तीन वाहनों में सवार होकर दूसरे पक्ष के घर पहुंचे थे। वहीं बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ा कि दूसरे पक्ष ने टिपर वाहन से फॉर्च्यूनर को टक्कर मारना शुरू कर दिया।
एक वाहन तो मौके से भाग निकला, लेकिन दो वाहन घेर लिए गए। हमलावरों ने फॉर्च्यूनर को घेरकर आग के हवाले कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी देर रात ही घटनास्थल नवगई पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया और जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार संदेहियों को हिरासत में लिया है। पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम आग लगने के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही एफआईआर दर्ज कर आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा, ताकि हमले के पीछे की सही कहानी सामने आ सके। फिलहाल पुलिस घटना के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
इस वारदात के बाद पूरे सोनहत इलाके में तनाव का माहौल है। बड़ी संख्या में पुलिस बल गांव में तैनात कर दिया गया है। रेत के अवैध कारोबार को लेकर जिले में पहले भी कई बार विवाद हो चुके हैं, लेकिन इस तरह जिंदा जलाकर हत्या की वारदात से लोग सहमे हुए हैं।
बता दें कि मृतक भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह बैकुंठपुर-सोनहत क्षेत्र के रसूखदार और प्रभावशाली व्यक्ति थे। वे सोनहत जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके थे। पहले वे पूर्व मंत्री रामचंद्र सिंहदेव के करीबी थे, वर्तमान में भाजपा से जुड़े थे। क्षेत्र में उनका खासा राजनीतिक प्रभाव था। लल्ला सिंह बड़े ठेकेदार थे और क्रशर का कारोबार भी चलाते थे। उनके भतीजे को हाल ही में रेत का ठेका मिला था, जिसे लेकर दूसरे पक्ष से विवाद चल रहा था।
26 अक्टूबर 2026