नई दिल्ली। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन एस्ट्रोलॉजर स्कैम्स के खिलाफ अलर्ट जारी किया है। साइबर क्रिमिनल्स फेक सर्टिफाइड एस्ट्रोलॉजर बनकर लोगों को फंसाते हैं, फ्री कंसल्टेशन से ट्रस्ट बनाते हैं और फिर पैसे मांगते हैं।
35 साल से कम उम्र वाले ज्यादा करते हैं एप्स यूज
लड़के-लड़कियां ज्यादा एप्स यूज करते हैं। उन्हें करियर, लव लाइफ या जॉब की टेंशन होती है, तो वे सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते हुए ही क्विक कंसल्टेशन ले लेते हैं। एआई टूल्स ने गणना तेज कर दी है। ये इंसान से 5 गुना ज्यादा सवालों का जवाब एक ही टाइम में दे सकता है। ये बायस्ड नहीं होता और सस्ता भी है। 35 साल से कम उम्र के एस्ट्रोटॉक के 84% यूजर्स है। इस प्लेटफॉर्म्स पर महीने में 50 लाख पेड कंसल्टेशन हो रहे हैं।
कई लोग हो चुके हैं स्कैम्स के शिकार
कई लोग इन स्कैम्स के शिकार हो चुके हैं। फेक ज्योतिषी बनकर कई लोग फ्री कंसल्टेशन ऑफर करते हैं, लोगों की प्रॉब्लम्स सुनकर लॉजिकल एक्सप्लेनेशन देते हैं। फिर भविष्य में परिवार की कलह, हेल्थ इश्यू या जॉब लॉस जैसी मुसीबतें बताते ह