मार्क 1ए लड़ाकू विमानों के लिए एचएएल ने तीसरी प्रोडक्शन लाइन शुरू की, पहला लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट देखेंगे रक्षा मंत्री
जन प्रकाशन 17 अक्टूबर 2025
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भारतीय वायुसेना को मार्क 1ए लड़ाकू विमानों की आपूर्ति में तेजी लाने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने महाराष्ट्र के नासिक में तीसरी प्रोडक्शन लाइन शुरू की है। नासिक के ओझर में स्थित इस लाइन में बना पहला लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दिखाया जाएगा। इस प्रोडक्शन लाइन के जरिए वायुसेना को 2032-33 तक 180 तेजस विमानों की आपूर्ति करने में मदद करेगी। यहां हर साल आठ विमान बनाए जा रहे हैं, जिसे बढ़ाकर 10 विमान किया जा सकता है।
विंग्स में होती है 9 जगह मिसाइलें फिट
वायुसेना के लिए तेजस विमान बना रही HAL को सितंबर में ही अमेरिका ने इसका चौथा इंजन भेजा था। इस फाइटर जेट की खूबियों में से एक है कि इसके विंग्स (पंखों) में 9 जगह मिसाइलें फिट होती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर तेजस मार्क-1ए की औसत कीमत 600 करोड़ रुपए है। फाइटर जेट रफ्तार 2205 किमी/घंटा यानी ध्वनि से भी करीब दोगुनी तेज है। इसका प्रोडक्शन देश की 500 से ज्यादा घरेलू कंपनियों ने मिलकर किया है, इसलिए इसे स्वदेशी तेजस भी कहा जा रहा है।
केंद्र से 97 तेजस फाइटर जेट खरीदने की हरी झंडी मिली
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