
अमृत बैंडवाल | उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान स्वरूप प्राप्त स्वर्ण, रजत, आभूषण और अन्य मूल्यवान सामग्रियों के सत्यापन की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। इसे लेकर उज्जैन के महापौर एवं सत्यापन समिति के अध्यक्ष मुकेश टटवाल ने मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रौशन कुमार सिंह को पत्र लिखकर दान सामग्री का शीघ्र सत्यापन कराने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
महापौर टटवाल ने पत्र में कहा है कि महाकाल मंदिर में प्रतिदिन देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु स्वर्ण, रजत, आभूषण, नकद राशि सहित विभिन्न मूल्यवान वस्तुएं दान करते हैं। ऐसे में दान में प्राप्त सामग्रियों का समय-समय पर सत्यापन होना आवश्यक है, ताकि उनका विधिवत रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और उनके उपयोग को लेकर पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने बताया कि दान में प्राप्त आभूषण एवं अन्य मूल्यवान सामग्रियों के सत्यापन के लिए एक समिति का गठन किया गया था। समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समिति में अशासकीय सदस्य प्रदीप गुरु, राजेंद्र शर्मा, राम शर्मा, मूल्यांकनकर्ता अतीन जड़िया तथा सहायक प्रशासनिक अधिकारी आर.के. तिवारी को शामिल किया गया था।
महापौर के अनुसार समिति ने प्रारंभिक स्तर पर दान सामग्रियों का सूचीकरण शुरू किया था, लेकिन बाद में आचार संहिता लागू होने के कारण सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद भी अब तक समिति की बैठक बुलाकर सत्यापन कार्य आगे नहीं बढ़ाया गया है। महापौर ने अपने पत्र में आग्रह किया है कि समिति की शीघ्र बैठक बुलाकर मंदिर में दान स्वरूप प्राप्त स्वर्ण, रजत, आभूषण एवं अन्य मूल्यवान सामग्रियों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही उनके सुरक्षित रख-रखाव, अभिलेखीकरण और उपयोग की प्रक्रिया को भी पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
19 सितंबर 2026