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खड़े हनुमान को लेकर उज्जैन में अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन, हजारों की भीड़ ने भरी हुंकार

जन प्रकाशन 16 सितंबर 2026
2 मिनट में पढ़ें
खड़े हनुमान को लेकर उज्जैन में अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन, हजारों की भीड़ ने भरी हुंकार

साधु-संत और हिंदूवादी संगठनों का जमावड़ा, हनुमान चालीसा का पाठ कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

उज्जैन। खड़े हनुमान मंदिर को लेकर पिछले 15 दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को बड़े आंदोलन में बदल गया। मंदिर परिसर के पास साधु-संतों, हिंदूवादी संगठनों और श्रद्धालुओं का जमावड़ा हुआ। हजारों की संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतिमा को नहीं हटाने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की और प्रशासन को चेतावनी दी कि प्रतिमा हटाने का प्रयास किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और साधु-संत मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की ओर से एसडीएम एलएन गर्ग को ज्ञापन सौंपा गया। खास बात यह रही कि ज्ञापन बाबा महाकाल के नाम से सौंपा गया। आंदोलनकारियों ने कहा कि खड़े हनुमान की प्रतिमा को यथास्थान रखा जाना चाहिए।

दरअसल, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क और चौराहों के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। चौड़ीकरण की जद में आने वाले धार्मिक स्थलों को हटाया जा रहा है। इसी क्रम में खड़े हनुमान मंदिर का भी हिस्सा हटाया गया। मंदिर की दीवार, गुंबद और शिखर हटाए जा चुके हैं, लेकिन प्रतिमा को हटाने के प्रयास सफल नहीं हुए। प्रशासन और पुरातत्व विभाग की टीम प्रतिमा को हटाने के लिए कई बार प्रयास कर चुकी है।

प्रतिमा के नहीं हटने को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर बताया गया है कि जिस शिला पर प्रतिमा स्थापित है, उसका करीब पांच फीट हिस्सा जमीन के भीतर दूसरी शिला के साथ इंटरलॉक है। ऐसे में प्रतिमा को सुरक्षित निकालने के लिए चारों ओर से खुदाई किए जाने की बात कही जा रही है। वहीं, धर्माचार्यों और हिंदूवादी संगठनों का दावा है कि यह करीब 200 वर्ष पुरानी चमत्कारिक प्रतिमा है और इसे हटाया नहीं जाना चाहिए।

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श्रेणियाँ:मध्यप्रदेशउज्जैनआध्यात्मिकराजनीति

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