
इंदौर। गणेश चतुर्थी के साथ ही सोमवार को मध्य प्रदेश में गणपति उत्सव की शुरुआत हो गई। सुबह से ही शहरों के मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना के साथ धार्मिक आयोजन शुरू हो गए। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, बैतूल, सतना, सीहोर, टीकमगढ़ और मंदसौर सहित कई शहरों में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजते रहे। मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
उज्जैन के महाकाल मंदिर स्थित सिद्धिविनायक मंदिर में गणेश चतुर्थी पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। पंचामृत पूजन और अभिषेक के बाद भगवान गणेश का आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके बाद महाआरती हुई और 5.51 लाख मोदकों का भोग अर्पित किया गया।
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी का पर्व खास अंदाज में मनाया गया। भगवान गणेश का करीब 7 करोड़ रुपए मूल्य के स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार किया गया। बप्पा को सवा लाख मोदकों का भोग भी लगाया गया। विशेष दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
इंदौर के बड़ा गणपति मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा। यहां गणपति को 101 किलो लड्डुओं का भोग लगाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए।
उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर में गणेश जी के प्रति श्रद्धालुओं की अनूठी आस्था देखने को मिलती है। मान्यता के अनुसार मनोकामना पूरी होने की कामना से भगवान की पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाया जाता है। गणेश चतुर्थी पर इस परंपरा को निभाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
गणेश उत्सव को लेकर मध्य प्रदेश के सभी शहरों के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई। लोग अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों के लिए गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी करते नजर आए।
15 अक्टूबर 2026