World Population Day 2019: कृपया इंतजार कीजिए, आप कतार में हैं

World Population Day 2019 : ‘उम्र-ए-दराज मांग के लाई थी चार दिन, दो आरजू में कट गए दो इंतजार में…।’ यह शेर मौजूदा परिदृश्य को बखूबी बयां करता है। लगातार बढ़ती आबादी और सीमित संसाधनों के चलते मनचाहे संस्थान-कोर्स में दाखिले से लेकर सस्ता-अच्छा इलाज व कानून से इंसाफ पाने के इंतजार में खड़े भारतीयों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है।

न्याय
-3.1 करोड़ से अधिक मामले देश की विभिन्न निचली अदालतों में लंबित
-80 लाख हाईकोर्ट और 58 हजार के करीब सुप्रीम कोर्ट में है यह आंकड़ा
-37% जजों के पद खाली हाईकोर्ट में, 25% जजों के पद भर्ती के इंतजार में हैं निचली अदालतों में
-70 हजार अधिक जज चाहिए लंबित केस निपटाने को, पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर का अनुमान

इंसाफ के इंतजार में
अदालत           0-1 साल    1-3 साल    3-5 साल    5-10 साल    10 साल से अधिक
-निचली अदालतें    37%        27%         14%         15%               7%
-उच्च न्यायालय      27%           22%        14%       19%              18%
(नोट : आंकड़े लंबित मामलों के)

कहां स्थिति ज्यादा चिंताजनक
राज्य    लंबित मामले (लाख में)

-यूपी    61.58
-महाराष्ट्र    33.22
-पश्चिम बंगाल 17.59
-बिहार    16.58
-गुजरात    16.54

शिक्षा
-14.1 लाख से अधिक छात्रों ने नीट परीक्षा दी इस साल, रिकॉर्ड 7.97 लाख हुए पास
-30455 एमबीबीएस, 2930 बीडीएस सीटें ही उपलब्ध सरकारी मेडिकल कॉलेजों में
-36165 एमबीबीएस, 24130 बीडीएस सीटों पर दाखिला संभव निजी मेडिकल कॉलेजों में
-9.35 लाख से अधिक छात्र जेईई-मेन परीक्षा में बैठे, 1.73 लाख ने दी जेईई-एडवांस्ड परीक्षा
-38705 छात्र-छात्राएं हुए पास, 13376 इंजीनियरिंग सीटें ही मौजूद देश के 23 आईआईटी में

स्वास्थ्य
-6 लाख डॉक्टरों और 20 लाख नर्सों की कमी से जूझ रहा भारत
-10189 भारतीयों पर 1 डॉक्टर उपलब्ध, हर 1000 व्यक्ति पर 1 डॉक्टर होने का मानक है डब्ल्यूएचओ का
-6 माह से 2 साल बाद तक की तारीख मिल रही है दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में सर्जरी के लिए औसतन
-20.7 लाख और डॉक्टरों की जरूरत पड़ने का अनुमान 2030 तक

बोलते मामले
-जून 2018 में एम्स दिल्ली ने शकुंतला नाम की महिला के बच्चेदानी के कैंसर से पीड़ित होने की पुष्टि की, सितंबर 2019 में मिली डॉक्टर को दिखाने की तारीख
-मार्च 2019 में बहादुर राम को दिल की सर्जरी के लिए जनवरी 2012 तो जून 2019 में 20 वर्षीय युवती को कान के ऑपरेशन के लिए 6 साल बाद की तारीख दी

प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा
-1.6 लाख भारतीय किडनी प्रतिरोपण की बांट जोह रहे, भारतीय ट्रांसप्लांट रजिस्ट्री के मुताबिक
-12 हजार के करीब ही डोनर उपलब्ध, 5 हजार किडनी प्रतिरोपण के ऑपरेशन ही हर वर्ष हो पाते हैं

यहां भी हालात बदतर
-2.3 करोड़ औसतन यात्री रोजाना सफर करते हैं भारतीय ट्रेनों में, ऑस्ट्रेलिया की कुल आबादी के बराबर है यह आंकड़ा
-16.3 करोड़ भारतीयों को स्वच्छ पेयजल मयस्सर नहीं, विश्व में साफ पानी से वंचित कुल आबादी का 19% है यह संख्या
-19.59 करोड़ भारतीय रोज रात को भूखे सोने को मजबूर, दुनिया के करीब 50% कुपोषण के शिकार बच्चे भारत में रहते हैं

बढ़ती आबादी
-1.2% की दर से बढ़ी भारतीय आबादी 2010 से 2019 के बीच
-2 गुना ज्यादा है यह आंकड़ा चीन की वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर से
-1.36 अरब से अधिक है देश की मौजूदा आबादी, 39 करोड़ के करीब थी यह 1947 में

स्रोत : इंटरनेट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *