Kangana Ranaut ने उद्धव ठाकरे और करण जौहर को ललकारा- ‘आओ अब मेरा घर भी तोड़ दो’

कंगना रनोट के मुंबई स्थित आवासीय दफ़्तर में बुधवार को बीएमसी ने अवैध निर्माण को लेकर तोड़फोड़ कर डाली। बीएमसी की टीम ने इससे पहले कंगना के बंगले पर नोटिस चस्पा किया था, जिसका उनके वकील ने जवाब दिया। जवाब से संतुष्ट ना होने पर बीएमसी ने डिमोलिशन कार्रवाई की। कंगना ने अपने बंगले पर हुई इस कार्रवाई के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और कथित बॉलीवुड माफ़िया पर एक बार फिर हमला बोला है।

कंगना बुधवार को लगभग 3 बजे मुंबई पहुंचीं। एयरपोर्ट से वो सीधे अपने खार स्थित घर गयीं। मगर कंगना के पहुंचने से पहले ही बीएमसी की टीम तोड़फोड़ कर चुकी थी। हालांकि फ़िलहाल बॉम्बे हाई कोर्ट से स्टे मिल गया है और डिमोलिशन को रोक दिया गया है। कंगना ने शाम को ट्विटर पर इसको लेकर लिखा- मेरा दफ़्तर 24 घंटों में ही अवैध घोषित कर दिया गया। उन्होंने सब कुछ नेस्तनाबूद कर दिया है। फर्नीचर, लाइट्स भी और अब मुझे धमकियां मिल रही हैं कि वो मेरा घर भी तोड़ देंगे। मुझे ख़ुशी है कि मूवी माफ़िया के पसंदीदा सीएम को लेकर मेरा फ़ैसला सही था।

इसके बाद कंगना ने उद्धव ठाकरे और करण जौहर को ललकारते हुए लिखा- आओ उद्धव ठाकरे और करण जौहर गैंग, तुमने मेरा वर्क प्लेस तोड़ दिया। अब मेरा घर तोड़ दो। फिर मेरा चेहरा और शरीर भी तोड़ दो। मैं चाहती हूं कि दुनिया देखे कि पर्दे के पीछे तुम लोग क्या करते हो। मैं मरूं या ज़िंदा रहूं, मैं तुम्हें बेपर्दा पर दूंगी।

कंगना ने आगे लिखा- आज उन्होंने मेरा घर गिराया है। कल आपका होगा। सरकारें आती हैं और चली जाती हैं। जब आप एक आवाज़ को हिंसक तरीके से दबाते देखने के आदी हो जाओगे, यह सामान्य बनता जाएगा। आज एक आदमी को चिता पर जलाया जा रहा है, कल हज़ारों का जौहर होगा। जागो।

सोमवार को बीएमसी की एक टीम कंगना के दफ़्तर पहुंची थी, जिसकी सूचना एक्ट्रेस ने ट्विटर के ज़रिए साझा की थी। कंगना को आशंका थी कि बीएमसी की टीम उनके ऑफ़िस के स्ट्रक्चर को ढहा सकती है। उन्होंने टीम का एक वीडियो भी पोस्ट किया था। मंगलवार को बीएमसी ने बंगले पर नोटिस चस्पा करके 24 घंटे का वक़्त दिया था। कंगना के वकील ने इस नोटिस का जवाब दिया था।

कंगना रनोट की फ़िल्म प्रोडक्शन कम्पनी मणिकर्णिका फ़िल्म्स का आलीशान ऑफ़िस मुंबई के सबसे महंगे रिहायशी इलाकों में से एक पाली हिल में स्थित है। लगभग 48 करोड़ की लागत से बंगला नंबर 5 को दफ़्तर में तब्दील किया गया है। ऑफ़िस की आंतरिक साज-सज्जा काफ़ी प्रभावित करने वाली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *