BJP में नए अध्यक्ष की प्रक्रिया को लेकर मंथन, इन दो विकल्पों पर विचार

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के केंद्र सरकार में गृह मंत्री बन जाने के बाद पार्टी में नए अध्यक्ष की प्रक्रिया को लेकर मंथन चल रहा है। पार्टी दो विकल्पों पर विचार कर रही है कि संगठन चुनावों की प्रक्रिया पूरी कर नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाए और तब तक शाह ही अध्यक्ष बने रहें। दूसरा यह कि फिलहाल नए अंतरिम या कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति कर संगठन चुनावों की प्रक्रिया पूरी कर नया अध्यक्ष चुना जाए।

बीजेपी संविधान के मुताबिक पार्टी में कोई भी व्यक्ति तीन-तीन साल के लगातार दो कार्यकाल तक अध्यक्ष रह सकता है। हालांकि तीन साल के एक कार्यकाल के बाद उसका दोबारा निर्वाचन किया जाएगा। शाह का पहला कार्यकाल पूरा हो चुका है और पार्टी ने लोकसभा चुनावों को देखते हुए चुनावों को टाल दिया था। ऐसे में एक व्यक्ति एक पद की पंरपरा के मुताबिक शाह दूसरा कार्यकाल नहीं लेंगे। हालांकि नए अध्यक्ष के चुनाव तक वह सरकार व संगठन दोनों की जिम्मेदारियां संभालते रह सकते हैं।

तीन राज्यों के चुनाव से पहले हो सकते हैं संगठन चुनाव 
इस साल अक्तूबर में तीन राज्यों महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा के विधानसभा चुनाव होने के कारण पार्टी की कोशिश अगले तीन माह में संगठन चुनाव (मंडल से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष का) कराने की होगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए कम से कम आधे राज्यों का चुनाव हो जाना जरूरी है। हालांकि पार्टी ने अभी तक नए चुनावों को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। पार्टी अध्यक्ष होने के नाते इस बारे में फैसला भी शाह को ही लेना है। सूत्रों के अनुसार अगर किसी नेता को अंतरिम का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाता है तो भी अगला अध्यक्ष चुनने के लिए संगठनात्मक चुनावी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

नड्डा, भूपेंद्र और विजयवर्गीय की चर्चा 
सूत्रों के अनुसार नए अध्यक्ष के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री व संसदीय बोर्ड के सचिव जेपी नड्डा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। नड्डा का नाम 2014 में भी अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में रहा था, लेकिन उस समय पार्टी ने अमित शाह को नया अध्यक्ष नियुक्त किया था। नड्डा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने से भी इस बात के संकेत मिले हैं कि उनको नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि संगठन में रहकर अहम भूमिका निभाने वाले महासचिव भूपेंद्र यादव व कैलाश विजयवर्गीय भी मजबूत दावेदार हैं। विजयवर्गीय अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं है और उनके प्रभारी रहते हुए भाजपा ने पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *