AAP ने कांग्रेस से गठबंधन का नया फॉर्मूला किया तय, जानें

दिल्ली में कांग्रेस से गठबंधन को लेकर ‘आप’ सीट बंटवारे मामले में 5-2 के फॉर्मूले पर अड़ी हुई है। अरविंद केजरीवाल के घर पर मंगलवार को मनीष सिसोदिया, राज्य सभा सांसद संजय सिंह की बैठक भी हुई। इसमें संजय सिंह को कांग्रेस से बातचीत के लिए अधिकृत किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में गठबंधन में सीट बंटवारे पर एक नया फॉर्मूला भी तय किया गया है। अगर कांग्रेस उस पर मानती है तभी बात आगे बढ़ेगी। सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने गठबंधन को लेकर जो नया फॉर्मूला तय किया है, उसके मुताबिक सिर्फ दिल्ली में गठबंधन होता है तो वह सीटों का बंटवारा 5-2 यानि पांच पर ‘आप’ और दो पर कांग्रेस लड़ेगी। अगर कांग्रेस हरियाणा में गठबंधन पर तैयार होती है तो उसे दिल्ली में दो के बजाए ‘आप’ तीन सीट देने को तैयार है। हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक राहुल गांधी के ट्वीट के बाद ‘आप’ से बातचीत के लिए संपर्क नहीं किया है।

‘आप’ ने हरियाणा के लिए 6, 3 और 1 के फॉर्मूले का प्रस्ताव तैयार किया है। उसके मुताबिक कांग्रेस छह, जेजेपी तीन और ‘आप’ एक सीट पर लड़ेगी। चंडीगढ़ की सीट भी ‘आप’ कांग्रेस के लिए छोड़ देगी। साथ ही दिल्ली में तीन सीट कांग्रेस को देगी। पर, कांग्रेस भी सिर्फ दिल्ली में गठबंधन के लिए अड़ी हुई है। वह भी 4-3 के फॉर्मूले पर। हालांकि, मंगलवार को दोनों दलों के बीच आधिकारिक तौर पर टिकट बंटवारे के इन प्रस्तावों को लेकर कोई बैठक नहीं हुई है। सूत्रों की मानें तो बुधवार को दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर आखिरी बैठक हो सकती है। उसके बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। हालांकि दोनों दलों के बीच राजनीतिक सरगर्मी जारी है। भाजपा भी अपनी रणनीति बनाने में जुटी है।

माना जा रहा है कि दोनों पार्टियों के बीच बुधवार सुबह बातचीत हो सकती है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस दिल्ली में चार-तीन के फॉर्मूले पर समझौता कर सकती है। पार्टी ने पहले ही दिल्ली में आप को चार व खुद के लिए तीन सीटों का फॉर्मूला सामने रखा है।

कांग्रेस को हरियाणा पर भी बात करनी होगी : संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा कि पार्टी का निर्णय है कि भाजपा को हराने के लिए आखिरी समय तक गठबंधन का प्रयास किया जाएगा।गठबंधन पर बातचीत के लिए मुझे अधिकृत किया गया है। कांग्रेस सिर्फ दिल्ली के लिए बातचीत कर रही है, यह संभव नहीं है। कांग्रेस को हरियाणा पर भी बात करनी होगी।

कांग्रेस सिर्फ 7 सीटों पर ही भाजपा को क्यों हराना चाहती है। हम 18 सीटों पर उन्हें हराना चाहते है। कांग्रेस का प्रस्ताव तथ्यों से परे है। हमारे पास पंजाब में 20 विधायक 4 सांसद हैं, फिर भी हमें एक भी सीट नहीं दे रहे हैं। जबकि, दिल्ली में कांग्रेस के पास एक भी विधायक और एक भी सांसद नहीं है फिर भी वह तीन सीटें मांग रहे हैं।.

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