बिजली का झटका: एक लाख लोगों को मिल रहा गलत बिजली बिल

लखनऊ के बिजली उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग एजेंसी की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। हर महीने गलत बिलिंग के शिकार करीब एक लाख लोग अपना बिल सुधरवाने के लिए दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं। संबंधित उपकेंद्र पर आने जाने में धन और समय तो बर्बाद हो ही रहा है, ऊपर से जिम्मेदार लोगों की बेपरवाही से एक बार में किसी का बिल सुधर भी नहीं रहा। बिल सुधरवाने वालों की कतार में बुजुर्ग और महिलाएं भी परेशान हो रही हैं। और यह सब हो रहा है मीटर रीडर की मनमानी से।.

आपका अपना अखबार हिन्दुस्तान बिजली बिल की गड़बड़ी से परेशान लखनऊवासियों की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है ताकि ऐसे उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान हो सके।
केस 1

इंदिरानगर निवासी डीके पटेल के घर 06 जून को मीटर रीडर ने 1143 यूनिट का बिल बनाया, जबकि 6 जुलाई को पहले से कम 1135 यूनिट का बिल बना दिया। इससे उपभोक्ता को पिछले महीने के सापेक्ष कम यूनिट का बिल आया। नतीजतन उपभोक्ता को बिल सही कराने के लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े।

केस 2

कल्याणपुर निवासी मोहम्मद शरीफ के घर 11 मई को मीटर रीडर ने 15,325 यूनिट का बिल बना दिया, जबकि हकीकत में मीटर में 14938 यूनिट था। उन्होंने बताया कि बिल सही कराने के लिए दो महीने तक उपकेंद्र के चक्कर लगाने पड़े। उनसे रिश्वत तक मांगी गई। बड़ी मुश्किल से बिल में सुधार हुआ।

एमडी मध्यांचल निगम संजय गोयल ने कहा, लेसा में हर माह करीब एक लाख उपभोक्ताओं के गलत बिल बनते हैं। यदि किसी मीटर रीडर ने गलत बिल बनाया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बिलिंग एजेंसी से जुर्माना भी वसूली जाएगा।

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