बलिया में बोले अखिलेश- ‘चाय में जो नशा था वह बहुतों का उतर गया’

सपा-बसपा और रालोद गठबंधन की ओर से बलिया जिले में दो चुनावी सभाएं मंगलवार को आयोजित की गईं। बलिया में अंतिम सातवें चरण में 19 मई को मतदान होना है। यहां से गठबंधन ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक सनातन पाण्डेय को प्रत्याशी बनाया है। सपा-बसपा व रालोद गठबंधन के शीर्ष नेता अखिलेश यादव, मायावती व चौधरी अजित सिंह बलिया में आज दो चुनावी सभाओं को संबोधित करने पहुंचे। गठबंधन नेताओं की पहली संयुक्त सभा सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के सरकातों में और दूसरी सभा बलिया लोकसभा क्षेत्र के अलावलपुर में आयोजित हुई।

बलिया की जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने पहले भृगु और बलिया की धरती को नमन किया। इसके बाद बोले क‍ि यह धरती है जिसने आजादी से पूर्व आजादी दिलाई। यह धरती वही है जिसने पहले समाजवादी पीएम को दिया। इसलिए भी नमन इस धरती को नमन कि यहीं की जमीन पर जय प्रकाश जी हों या जनेश्वर मिश्र सभी को ऊंचाई दी, इसके लिए आप सबका धन्यवाद। जो जागरुक और समझदार हैं वह जानते हैं कि किस तरफ हवा चल रही है। इसबार साइकिल और हाथी की रफ्तार नहीं रुकेगी।

जब पीएम नरेंद्र मोदी भी यहां थे, वो भी यहीं आए थे हमें नहीं पता क्या बता कर और देकर गए हमें नहीं जानकारी कि क्या देकर चले गए होंगे।  बताओ जिसका पांच साल खत्म हो गया वो क्या देकर जाएगा। यह पहले देश के पीएम हैं जो वादा करते हैं और वादे के खिलाफ काम करते हैं। अगर एक भी वादा पूरा हुआ हो तो बताएं। अच्छे दिन आएंगे तो अच्छे दिन किसके आए। यह नौजवान और किसान जानते हैं अच्छे दिन कौन लाएगा। किसानों से वादा किया था कि लागत से अधिक मुनाफा मिलेगा। किसी के फसल की कीमत मिली हो तो बताएं। नौजवान जानते होंगे कि करोडों नौकरी देंगे मगर कितनी मिली। करोडो नौकरी देने का वादा था मगर नोटबंदी और जीएसटी से कारोबार रोक दिया। रोजगार की मांग की तो बोले पकौडे बनाओ।

यह हमें आपको धोखा देकर गए, 2014 में आए थे तो चायवाला बनकर आए थे। सरकार में पीएम बन गए अब वही आए हैं चौकीदार बनके। पांच साल में चाय का स्वाद पता लग गया होगा। चाय में जो नशा था वो बहुतों का उतर गया। हम लोग भी धोखा खा गए। पता ही नहीं लगा कि चाय अच्छी तब बनती है जब दूध अच्छा होगा। अब वो चौकीदार बनकर आए हैं। कौन भरोसा करेगा चौकीदार पर। बताओ चौकीदार की चौकी छीनोगे? बाबा मुख्यमंत्री भी हैं और बाबा मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था ठीक करने के लिए कह रहे हैं ‘ठोंक दो’। पुलिस को पता ही नहीं किसको ठोंकना है। गाजीपुर में ठोंकाठोंकी हुई कि नहीं हुई। पुलिस इतनी कभी अपमानित नहीं हुई जितनी इस सरकार में हो रही है। एक सांसद और विधायक ने भी ठोंको नीति समझ ली। संतकबीरनगर में सांसद ने विधायक पर जूते की सलामी दे दी। अगर रोका न होता तो सांसद 21 जूतों की सलामी देने जा रहे थे। केवल चौकीदार नहीं हटाना है बल्कि सीएम को भी हटाने की जरुरत है।

वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी सभा को संबाेधित किया और कांग्रेस व भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्‍होंने भाजपा सरकार पर अपने वादों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए जनता से गठबंधन को चुनाव में जिताने की अपील की।

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