इलेक्शन एक्सप्रेस : मोदी के शोर में चुप्पी कर रही इशारे

बस, ट्रेन या पान की दुकान, इस बार सियासी सुर में सबसे ज्यादा मोदी का शोर है। इसमें मुस्लिम और दलित मतदाताओं की खामोशी भी है, जिनकी दबी आवाज इशारे करती है। सियालदह एक्सप्रेस में सवार होकर मुरादाबाद से रामपुर का सफर करने में यही समझ आया कि सियासी हवा किस ओर है। इसका सटीक भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी।

मुरादाबाद स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर शनिवार सुबह के साढ़े दस बजे हलचल तो आम दिनों वाली ही है। सियालदह एक्सप्रेस के के आने से धक्का मुक्की बढ़़ गई है, ट्रेन में सवार होने के लिए हर कोई घुसा जा रहा है। एक धक्के में हम भी ट्रेन की बोगी के अंदर होते हैं। भीड़ काफी ज्यादा थी तो उतरने और चढऩे वालों की ही आवाज सुनाई दे रही थी। जिसे जहां जगह मिली पैर जमा लिए, स्टेशन गुजरते ही अयोध्या के अजय सिंह ने सियासत पर अपनी बात छेड़ दी। राष्ट्रवाद का मुद्दा उनकी प्राथमिकता पर था। उनका कहना था सरकार के कई वादे पूरे नहीं हुए, जिस कारण वह वोट सोचकर ही करेंगे।

दस मिनट की बहस में मोदी ही मोदी

करीब दस मिनट की इस बहस में हमें मोदी ही मोदी नजर आ रहे थे। ऊपर की बर्थ पर बैठे मुस्लिम परिवार के मुखिया इश्तियाक से पूछा कि योजनाएं सभी तक पहुंचीं तो बोले भाई हमें राजनीति पर कोई बहस ही नहीं करनी। उनके इन्कार के बाद दूसरी ओर मुखातिब होने से पहले ही पीठ पर हाथ रखकर मुस्करा दिए। योजनाओं के बारे में पूछा तो सिर हिलाकर न का इशारा किया और फिर अपने परिवार से बाते करने में व्यस्त हो गए। उनकी चुप्पी और मुस्कुराहट ने हमें जवाब तो दे ही दिया था। अगली सीट पर जुल्फिकार से मुलाकात हुई कहने लगे समाज बंट गया है और लोग डरे हुए हैं, इसलिए कांग्रेस को वोट देंगे। खैर, इस शोर में बात रोजगार तक पहुंच चुकी थी। अयोध्या के इन युवाओं का मानना था कि रोजगार के अवसर कम मिले हैं, इतने में अगली सीट पर बैठी प्रियंका तपाक से बोल दीं कि इस सरकार में सरकारी नौकरी मिलने में दिक्कतें बढ़ गई हैं, पहले यह नहीं होता था।

बेबाकी से रखी अपनी बात

हमारी ट्रेन अब रामपुर स्टेशन पहुंचने वाली ही थी कि इस बहस में सत्तर वर्षीय गोरखपुर के हरिशंकर तिवारी जुड़ जाते हैं, काफी देर से ऊपर बैठे लोगों की बाते सुनते रहे और खुद को रोक नहीं पाए। नीचे उतरे और बोले कि मैं कांग्रेस को वोट करूंगा, हमने सवाल किया क्यों तो जवाब आया कि ऐसा नहीं है कि काम सिर्फ इस सरकार में हुए हैं। उनकी बातों में संतुलन दिखता है, राष्ट्र के मुद्दे पर जवाब देते हैं कि मोदी सरकार ने काफी कुछ किया, इस सरकार में भय का माहौल बढ़ा है। जिसे कांग्रेस ही खत्म कर सकती है, खैर हमारी ट्रेन रामपुर स्टेशन तक पहुंच चुकी थी। हम उतरने ही वाले थे कि हरिशंकर हमारे पास आते हैं और पुरानी पेंशन बहाली की बात सामने रख देते हैं। उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारी इसकी मांग कर रहा है, जो सरकार उनकी मांग सुनेगी तो उसका बड़ा फायदा होगा। हम उनकी बात पर मुस्कुराकर स्टेशन पर उतर लिए और मुरादाबाद से रामपुर का यह सफर साढ़े ग्यारह बजे खत्म हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *